पडोसी --- यार तेरे घर से रोज हसि कि आवाज आति है इस खुशहाल जिन्दगीका राज क्या है .

पडोसी --- यार तेरे घर से रोज हसि कि आवाज आति है इस खुशहाल जिन्दगीका राज क्या है .
आदमी-- मेरि बिवी रोज मुझे जुते चप्पल फेककर मारती है ....
लग जाये तो वो हसती है और ना लगे तो मै हसता हु
खुदा का शुक्र है हसिखुशी जिन्दगी बित रहि है

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