कल्पना कीजिये एक बैंक अकाउंट की जिसमे रोज सुबह आपके लिए कोई 86,400 रुपये जमा कर देता है ।

कल्पना कीजिये एक बैंक अकाउंट की जिसमे रोज सुबह आपके लिए कोई 86,400 रुपये जमा कर देता है ।
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लेकिन शर्त ये है की इस अकाउंट का बैलेंस कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा, यानि दिन के अंत में बचे पैसे आपके लिए अगले दिन उपलब्ध नहीं रहेंगे और हर शाम इस अकाउंट में बचे हुए पैसे आपसे वापस ले लिए जाते हैं।
ऐसे सिचुएशन में आप क्या करेंगे ?
जाहिर है आप एक-एक पैसा निकल लेंगे। है ना ? हम सब के पास एक ऐसा ही बैंक है, इस बैंक का नाम है " समय".
हर सुबह समय हमको 86,400 सेकण्ड्स देता है।
और हर रात्रि ये उन सारे बचे हुए सेकण्ड्स जिनको आपने किसी बहतरीन मकसद के लिए इस्तेमाल नहीं किया है,

हमसे छीन लेती है। ये कुछ भी बकाया समय आगे नहीं ले जाती है। हर सुबह आपके लिए एक नया अकाउंट खुलता है और अगर आप हर दिन के जमा किये गए सेकण्ड्स को ठीक से इस्तेमाल करने में असफल होते हैं तो ये हमेशा के लिएआपसे छीन लिया जाता है।

अब निर्णय आपको करना है की दिए गए 86,400 सेकण्ड्स का आप उपयोग करना चाहते हैं या फिर इन्हें गंवाना चाहते हैं, क्यूंकि एक बार खोने पर ये समय आपको कभी वापस नहीं मिलेगा। आप हर दिन दिए गए 86,400 सेकण्ड्स का बेहतरीन इस्तेमाल कैसे करना चाहेंगे??

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