21st Century Understanding lolz

पिता : मैंने तुमको गीता दी थी पढ़ने के लिए क्या तुमने गीता पढ़ी ?
पुत्र : हाँ पिताजी पढ़ ली और अब मरने के लिए तैयार हो जाओ ( कनपटी पर तमंचा रख देता है ) ।
पिता : बेटा ये क्या कर रहे हो ? मैं तुम्हारा बाप हूँ ।
पुत्र : खामोश ना कोई किसी का बाप है और ना कोई किसी का बेटा । ऐसा गीता में लिखा है ।
पिता : बेटा मैं मर जाऊंगा ।
पुत्र : पिताजी शरीर मरता है ।
आत्मा कभी नही मरती । आत्मा अजर है, अमर है ।
पिता : बेटा मजाक मत करो गोली चल जाएगी और मुझको दर्द से तड़पाकर मार देगी ।
पुत्र : क्यों व्यर्थ चिंता करते हो ? किससे तुम डरते हो । आत्मा को ना पानी भिगो सकता है और ना ही तलवार काट सकती ना ही आग जला सकती ।
किसलिए डरते हो तुम ।
पिता : बेटा अपने भाई बहनों के बारे में तो सोच, अपनी माता के बारे में भी सोच ।
पुत्र : इस दुनिया में कोई किसी का नही होता ।
संसार के सारे रिश्ते स्वार्थों पर टिके है । ये भी गीता में ही लिखा है ।
पिता : बेटा तुमको मुझको मारने से क्या मिलेगा ?
बेटा : अगर इस धर्मयुद्ध में आप मारे गए तो आपको स्वर्ग प्राप्ति होगी । मुझको आपकी संपत्ति प्राप्त
होगी । अगर मर गया तो स्वर्ग प्राप्त होगा ।
पिता : बेटा ऐसा जुर्म मत कर ।
पुत्र : बेटा आप चिंता ना करें । जिस प्रकार आत्मा पुराने जर्जर शरीर को त्यागकर नया शरीर धारण करती है, उसी प्रकार आप भी पुराने जर्जर शरीर को त्यागकर नया शरीर धारण करने की तयारी करें ।
 अलविदा ।

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